Thursday, 26 October 2017

Biswamanab Siksha and Veda Yoga Avijan 89 dt 26/ 10/ 2017

विश्व शिक्षा और विजन अभियान (89) दिनांक: 26/10/2017 आज के विषय: - [अपने दिल मंदिर में वेर्ण जननी माता दुर्गा का विनाश, वेदों का त्याग करके]।
ब्रह्मा शक्ति, चित्त और आनंदरूपा विष्णुनी मा चंडी हर किसी के दिल के दिल में रह रहे हैं। वह संख्यदान द्रौपरीनी ब्रह्महिशे, चंडी के पुत्र हैं, ब्रह्मवर्म प्राप्त करने के लिए, आप उसे केवल उसके पास ले जाते हैं और उसके बारे में सोच सकते हैं, उस पर ध्यान करें - ध्यान करें। वह ब्रह्मा-विष्णु और शिव स्वरुप आदी शक्ति की शक्ति है। वह हवा की आग और सूरज की चमकदार प्रकृति है। वह बेहोश है- विनाश का अंधेरा, अनन्त मौत, निरंकुशवाद, ब्रह्मा-विदरुपिन, चिदानंदसारिन, प्रेम-विश्व ब्रह्मांड, अटूट। बस इस तरह की मां की कल्पना करो, मंदिर में अपने दिल को जगाना, केवल सोचो - सोचो - ध्यान करें। वह अपने वर्तमान-अतीत और भविष्य को नियंत्रित करेगा, और सत्य में ज्ञान और ज्ञान लेकर दिल को प्रसन्न करेगा। द हंटिंग क्लींग चामुंडई बिट्टा

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