Thursday, 8 February 2018

Biswamanab Siksha and Veda Yoga Avijan 194 dt 08/ 02/ 2018

विश्व स्तरीय शिक्षा और उत्कृष्टता अभियान (1 9 4) दिनांक 08/02/2018
आज का विषय: - अपनी ताकत और ज्ञान से भर जाओ, और याद रखें कि लकवाग्रस्त होने में कोई खुशी और खुशी नहीं है।
  आपको किसी की अपनी अंतरात्मा के तहत भावनात्मक दासता के अधीन क्यों किया जा रहा है? लकवा होने में कोई खुशी नहीं है, कोई स्वतंत्रता नहीं है वर्तमान शिक्षा प्रणाली में बच्चे परजीवी होते जा रहे हैं, स्व-ज्ञान की कमी। युवा लड़का छोटा है - पुराना आदमी झूठ पर खड़ा है। सज्जनों के सभी बच्चे विरोध किए बिना निगल जाते हैं, कोई भी शब्द न लेते हुए, शिक्षा की दुनिया में सभी पौष्टिक भोजन। स्कूलों-कॉलेज- विश्वविद्यालय की शिक्षा का अंत, उनके पंडितों का पठन, और जीवन का अंत। जो कोई अपने जीवन का सच्चा सपना नहीं सीखता है, वह सीखने के कौशल को सीखता है और शिक्षित विषमता को भरकर और एक मानव समाज से लड़कर पैसे के मानक पर आधारित है। और सभी शिक्षा के बाद, राजनीतिक नेताओं, धार्मिक नेताओं, मानसिक समाज के धनी समाज के सेवक, और उनके झूठ को सत्य बताते हैं, वे अंतर्निहित सामाजिक दासता से निपटना शुरू करते हैं, और उन्हें मानव समाज को प्रदूषित करते हैं। इन मानसिक रोगियों के हाथ में हमारी मानव सभ्यता का गठन किया जा रहा है, वे मनुष्य के मार्गदर्शक व्यक्ति बन गए हैं। झूठ पर निर्भर करता है, देश का भविष्य उज्ज्वल नहीं हो सकता। इसलिए, लोगों को सच्चाई का सपना करके देश के अच्छे नागरिकों को विकसित करने में सक्षम नहीं हैं, जिससे देश के लोगों को लालच या झूठ बनाकर किसी भी देश का नागरिक बनाते हैं। आनन्द विश्व स्तरीय शिक्षा और उत्कृष्टता की जीत है।

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