Saturday, 3 November 2018

Biswamanab Siksha and Veda Yoga Avijan 453 dt 03/ 11/ 2018

विश्व मानवतावादी शिक्षा और वोकल अभियान (454) दिनांकित: -03 / 11/2018 आज का विषय: [यद ने वेदों की पूजा करके और आत्मा पर ध्यान देकर अमरत्व प्राप्त करके।]
हम अपनी आत्मा पर ध्यान देकर उसे जगाने के लिए भूल गए हैं क्योंकि हमने वेदों का त्याग नहीं किया था। तो, हमारे सिर में राज्य आश्रय लेने का अवसर ले रहा है और हम लगातार सत्य से विचलित हो रहे हैं। अगर हम दूसरों की अमर आत्माओं पर ध्यान देते हैं, तो लोगों को मृत्यु के भय को जीतकर अमरत्व प्राप्त होता है। उसके दिल में दृढ़ दृढ़ विश्वास है - वह आत्मा के अलावा कुछ भी नहीं है, और वह सर्वोच्च भगवान - सर्वोच्च भगवान के बराबर है। यह जानने के बाद अमरत्व होना जरूरी है कि वेद ने इस तकनीक की पूजा की है - इस अमरत्व के सभी बीजों का जन्म। वेदों को बलिदान करके अनन्त जीवन को जानकर, यह जानकर कि यह कपड़ा का एक टुकड़ा टुकड़ा है, यह अविश्वसनीय जीवन-यदि यह शिकल के साथ एकजुट है- जादू की अखंडता बर्तन की सीमा से परे है और हमें अमर और अमृत बनाती है। तो हम सभी से प्रार्थना करें ---- बुराई से सही मार्ग ले लो। ज्ञान की रोशनी को अंधा कर दें। मरने के लिए मत भूलना, अमर हो। भगवान को देखने से डर जाएगा। हरि ओन बहुत ईमानदार

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